हैरान रहता हूं बदकिस्मती देखकर अपने नसीब का मंजिल तक पहुंचने के जब करीब रहता हूं पांव फिसल जाते हैं हौसला जुटाकर बार-बार मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं जितना तुम्हें चाहता हूं उतना ही तुम मुझे चाहो जिंदगी जीने का मजा कुछ और होगा
shayari Apna Naseeb